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उस्लापुर सड़क चौडीकरण में बाधा बन रहे निर्माण को तोड़े जाने की कार्यवाही पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए एक बार फिर नमिता ऋषि ने किया विरोध इसे बताया अदालत की अवमानना ।

# प्रदीप पटेल | 30 Apr, 2023

बिलासपुर। उस्लापुर सडक चौडीकरण में बाधा बन रहे निर्माण को तोड़े जाने की कार्यवाही पर भेदभाव का आरोप लगया जा रहा। रेलवे की जमीन पर करीब 34 बेजा कब्जा हो रखे है, पिछले दिनों नगर निगम में इनमे से 27 को तोडा दिया। शनिवार को यहां सडक चौडीकरण के लिए बेस बनाने के लिए गड्ढा खोदा जाने लगा तो एक बार फिर नए सिरे से विवाद खड़ा हो गया, खसरा नम्बर 1552 की शासकीय जमीन पर किसी ने गार्डन, किसी ने दुकान, तो किसी ने पेट्रोल पंप बना रखा है। सड़क चौडीकरण में बाधक बन रहे निर्माण को हाईकोर्ट के निर्देश पर तोड़ा गया, हालांकि इनमे से 5 लोगों ने हाईकोर्ट से स्टे ले लिए, इसलिए उनका निर्माण अब भी बरकरार है। इधर सड़क बनाने के लिए बेस की खुदाई करने जब शनिवार को नगर निगम की टीम पहुंची तो कार्यवाही में भेदभाव का लगते हुए नमिता ऋषि और उनके बेटे ने आपत्ति जताई ।

नगर निगम के अधिकारीयोंके अनुसार नमिता ऋषि के घर के सामने मशीन से खुदाई करने पर उन्होंने हंगामा किया और कारवाही में बाधा डालने की कोशिश की, इधर नमिता ऋषि का आरोप है कि निगम के अधिकारी पक्षपात कर रहे है। इसी बेजा कब्जा में 3 लोगों को बाउंड्रीवाल हटाने के लिए टाइम दिया गया, लेकिन उनके बाउंड्रीवाल को जबरन तोड़ दिया गया। आज भी पास के ही राजेन्द्र सिंघानिया और डीडी बजाज के 21 मीटर पर बाउंड्रीवाल बनाने की अनुमति दी गई है, जबकि उनका 37 मीटर तक निर्माण तोड़ दिया गया। नमिता ऋषि ने बताया की उन्होंने इस मामले में हाईकोर्ट की शरण ली है, जिस पर कमिश्नर को 25 अप्रैल को एफिडेविट देने का आदेश दिया गया था। 27 अप्रैल तक जवाब नहीं देने पर कोर्ट ने 3 मई को एफिडेविट देने को कहा है ।

यहां मामला कोर्ट में लम्बित है और इसी बीच नगर निगम के प्रमिला शर्मा, जुगल ठाकुर अपने साथ करीब 40 लेकर पहुंचे और जबरन काम शुरू कर दिया। नमिता ऋषि ने यहां एक ही परिवार को टारगेट करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम भेदभाव छोड़कर एक साथ सब के निर्माण तोड़े, जिसके बगैर सडक बनना संभव ही नहीं है, जब कुछ लोगों को मोहलत दी जा रही है तो फिर उनके साथ ऐसा भेदभाव क्यों किया जा रहा है। इधर नगर निगम के अधिकारियों ने सोशल मिडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियोका हवाला देते हुए कहा की सड़क निर्माण के लिए बेस खोदे जाने के दौरान उन पर ईट से हमला करने की कोशिश हुई है । रेलवे की जमीन पर निगम कब्जे के बाद अब यहां सड़क चौडीकरण किया जाना है। जिससे की मंगला चौक से सीधे उस्लापुर ओवरब्रिज तक पहुंचा जा सका है, वहीं पहली नजर में ही साफ दिख रहा है की नमिता ऋषि के निर्माण को अधिक गहरे तक तोड़ दिया गया है, इसलिए नमिता ऋषि की शिकायत वाजिब जाना पड़ रही है। मामला हाईकोर्ट में होने के बावजूद सड़क निर्माण शुरू करना नमिता ऋषि के अनुसार अदालत की अवमानना है, इसे लेकर उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराया है ।