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सावन का पहला सोमवार आज से  शुरू, भोरमदेव सहित अन्य जिलो के शिवालयों में श्रद्धालुओं की उमडी भीड़, कोरोना वायरस के कारण इस साल पद यात्रा स्थगित, कलेक्टर ने दिया निर्देश ।

# प्रदीप पटेल | 26 Jul, 2021

कवर्धा। आज से सावन का पहला सोमवार शुरू हो रहा है, भोरमदेव सहित जिले भर के शिवालयों में श्रद्धालु की भीड़ उमड़ने लगी है, वही इस साल भोरमदेव तक होने वाली पदयात्रा नहीं होगी हर साल भोरमदेव में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुचते है,वही शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ भी उमड़ रही है ।प्रतिवर्ष सावन माह के प्रथम सोमवार को होने वाले भोरमदेव पदयात्रा को कोरोना वायरस के रोकथाम एवं बचाव के उपायों को विशेष रूप से ध्यान रखते हुए स्थगित किया गया है, भोले बाबा के पूजन का सावन का पहला सोमवार आज है।

ऐसे में पहले दिन सोमवार पर श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करने मंदिरों में सुबह से पहुंचेंगे, इस दौरान जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रूद्राभिषेक से शिवालय सुबह से गूंज रहे हैं, पौराणिक मान्यता है कि भगवान महादेव श्रद्घापूर्वक जल चढ़ाने से प्रसन्न होकर अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते है, ऐसे में छत्तीसगढ़ का खजुराहो कहे जाने वाले भोरमदेव में पहले सोमवार के लिए जिला प्रशासन द्वारा पदयात्रा का आयोजन किया जाता है, यह 11 वर्षों से चला आ रहा है। लेकिन इस वर्ष नहीं होगा, बीते वर्ष भी कोरोना के कारण पदयात्रा को स्थगित किया गया था, कलेक्टर रमेश शर्मा ने पदयात्रा स्थगित किए जाने को लेकर पुष्टि की है ।

सावन से जुड़ी पौराणिक कथा

देवासुर संग्राम में समुद्र मंथन से निकले हलाहल विष को कैलाशपति भगवान शिव जी ने पी लिया था, विष के प्रभाव से उनका शरीर बहुत ही ज्यादा गर्म हो गया था। जिससे शिवजी को काफी परेशानी होने लगी थी, भगवान शिव को इस परेशानी से बाहर निकालने के लिए इंद्रदेव ने जमकर वर्षा की, कहते हैं कि यह घटनाक्रम सावन के महीने में हुआ था, इस प्रकार से शिव जी ने विषपान करके सृष्टि की रक्षा की थी, तभी से यह मान्यता है कि सावन के महीने में शिव जी अपने भक्तों का कष्ट अति शीघ्र दूर कर देते हैं ।

सावन सोमवार व्रत विधि

सावन सोमवार के दिन जल्दी उठकर स्नान करें, शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करें, साथ ही माता पार्वती और नंदी को भी गंगाजल या दूध चढ़ाएं, पंचामृत से रुद्राभिषेक करें, बेल पत्र अर्पित करें, शिवलिंग पर धतूरा, भांग, दूध, फुढ़हल, चंदन, चावल चढ़ाएं और सभी को तिलक लगाएं, प्रसाद के रूप में भगवान शिव को घी शक्कर का भोग लगाएं, धूप, दीप से गणेश जी की आरती करें, अंत में भगवान शिव की आरती करें और प्रसाद का वितरण करें ।

मिलती है भोले शंकर की कृपा

हिंदू धर्म में सावन के महीने का विशेष महत्व है, इस मास में भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, सावन में सोमवार के व्रत का भी खास महत्व होता है, ऐसा माना जाता है, कि सावन का महीना भगवान भोलेनाथ को सबसे प्रिय है। शिव पुराण के अनुसार शंकर भगवान सावन माह में सोमवार का व्रत करने वाले भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी करते हैं, सावन के महीने का शिव भक्तों को हमेशा इंतजार रहता है ।