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प्रदेश में शराब प्रेमियों के लिए अच्छी खबर, 30℅ सस्ती मिलेगी शराब, 49 बीयर बार होंगे बंद ।

# प्रदीप पटेल | 31 Mar, 2021

रायपुर। छत्तीसगढ़ के शराब प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। कल से प्रदेश में शराब सस्ती हो जायेगी। विदेशी शराब की कीमतों में लगभग 30 प्रतिशत की कटौती होने जा रही है। दरअसल कल प्रदेश में नई आबकारी नीति लागू होने जा रही है, जिसके तहत विदेशी शराब पर कुछ ड्यूटी को खत्म कर दिया जायेगा। राज्य सरकार ने इस साल नयी शराब दुकानों को नहीं खोलने का निर्णय लिया है, हालांकि पुरानी प्रचलित शराब दुकानों को बंद भी नहीं किया जायेगा। वहीं प्रदेश के 49 बीयर बार 1 अप्रैल से बंद किए जाएंगे, इतना ही नहीं नये बीयर बार को लाइसेंस भी जारी नहीं किए जाएंगे, आबकारी आयुक्त निरंजन दास ने यह जानकारी दी है। छ्त्तीसगढ़ में कल एक अप्रैल से नई आबकारी नीति लागू हो जाएगी। प्रदेश की नई आबकारी नीति का अनुमोदन भूपेश बघेल कैबिनेट पिछले दिनों कर चुकी है।

जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ में नये वित्तीय वर्ष में विदेशी शराब के दाम कम हो सकते हैं, इसके लिये सरकार शराब पर लगने वाली ड्यूटी को कम करने वाली है, लेकिन बड़ी बात ये कि इस साल शराब की कोई भी दुकान बंद नहीं की जा रही है, न ही कोई नई दुकान खोली जा रही है।हम आपको बता दें, कि इससे पहले सरकार ने एक आदेश के जरिये प्रति व्यक्ति शराब रखने की लिमिट 5 लीटर तय की है। नई नीति के तहत शराब दुकान खोलने का समय एक घन्टा बढ़ा दिया है । पहले शराब दुकान सुबह 11बजे से लेकर रात 10 बजे तक खुलती थी अब इसमें एक घंटा बढ़ोतरी कर सुबह 10 बजे से लेकर रात 10 बजे तक शराब दुकान खोलने की अनुमति रहेगी, फिलहाल कोरोना को देखते हुए शराब दुकानें सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक ही खुलेंगी ।

इधर सरकार की नई आबकारी नीति को लेकर सियासत और आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो चुका है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल का कहना है कि सरकार किसी भी स्थिति में अधिक से अधिक शराब बेचकर राजस्व कमाने की कोशिश में लगी हुई है और इसको ध्यान में रखते हुए नई नीति बनाई गई है कांग्रेस शराब बंदी का वादा कर सत्ता में आई अब शराब सस्ती कर इसे और बढ़ावा दे रही है ।इधर कांग्रेस के संचार प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि सरकार ने इस साल एक भी नहीं शराब दुकान नहीं खोलने का निर्णय लिया है। सरकार अपने हर वादे की तरह शराब बंदी के वादे को भी पूरा करेगी। भारतीय जनता पार्टी के किसी भी नेता को शराब बंदी के बारे में बोलने का कोई हक नहीं है, क्योंकि उन्होंने अपने 15 साल के कार्यकाल में इसके लिए कोई प्रयास नहीं किया था ।